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स्वामी आत्माराम महाराजकी पाँचवीं बारह ज्योतिँलिंगकी पैदलयात्रा एवम् परिक़मा स्वामीजी पाँच पैदलयात्रा की है, जीसमें 75000 कीलोमीटरकी पैदलयात्रापूणँ की है।
पैदलयात्रा प्रारंभ 7 दीसम्बर 2012 से पूर्णाहूति 7 नवेम्बर 2014 अवधि 2 साल
स्वामी आत्माराम महाराज की पूणँ की हूई पैदलयात्रा.
स्वामीजी ने आज तक कितनी पैदलयात्रा पूणँ कीहै ?.
  1. पहली पैदलयात्रा स्वामीजी 58 साल की उम्र के बाद साथ में पहनॆ हूए कपड़े के सिवाय कुछ भी नहीं ऱखकऱ करपात्री होकर (नर्मदा और भारत भूमि परिक्रमा) 23000 किलोमीटर पैदलयात्रा 12जून 1999 को पूणँ कर चूकै है। अवधि 2 साल
  2. दूसरी पैदलयात्रा स्वामीजी ने 62 साल की उम्र में 12अगस्त 2001 से 12अगस्त 2003 तक में 14105+1050 (सरयू) किलोमीटर पैदलयात्रा पूणँ की । अवधि 2 साल
  3. तीसरी पैदलयात्रा स्वामीजी ने 66 साल की उम्र में से 12अपै़ल, 2004 से 14 जनवरी 2006 तक में 12,000 किलोमीटर पैदलयात्रा पूणँ की । अवधि 20 महीने
  4. चौथी पैदलयात्रा 7 जुलाई 2009 से7 मार्च 2011 तक में 70साल की उम्र में 12,800 किलोमीटर पैदलयात्रापूणँकी। अवधि 20 महीने।
  5. पांचवीं पैदलयात्रा 7 दीसम्बर 2012 से 7 नवेम्बर 2014 तक में 75 साल की उम्र में 75,000 किलोमीटर की पैदलयात्रा । अवधि 20 महीने। इस प्रकार 75 साल की उम्र में 75000 किलोमीटर (10865+1260 ) की पैदलयात्रा पूणँ की ।

  6. पैदलयात्रा में दैनीक 15 से 30 किलोमीटर चल रहे है
स्वामीजी कहां कहां पैदलयात्रा पूणँ कर चूकै है ?
  1. बारह ज्योतिर्लिंग (पांच बार पूणँ की )
  2. चार महाधाम (१)जगन्नाथपुरी (२)बद्रीनाथ (३)श्रीरंगम(त्रीची)(४)द्वारिका
  3. सप्तपूरी
  4. चार शंकराचार्य पीठ . स्वामीजी ऊपरोक्त (1 से 4 ) महातीर्थोकी पैदलयात्रा चार बार पूणँ कर चूकै है।
  5. भारत भूमि परिक्रमा ।
  6. भारत के चार महानगर ।
  7. कैलाश मानसरोवर
  8. हिमालय के चार धाम :-यमुनोत्री,गंगोत्री, केदारनाथ,बद्रीनाथ.।
  9. परिसंचारी. पैदलयात्रा नर्मदा और सरयू ।
  10. ब्रजचोराशी,चीत्रकूट,काशी और अयोध्या नगरीकी परिसंचारी पैदलयात्रा
  11. वीष्नौदॆवी रामदेवरा,हेमकुंड साहिब, स्वर्ण मंदिर (अमृतसर) और अमरनाथ (5 से 11 )तीर्थो की पैदलयात्रा एक बार पूणँ की है।.
स्वामी आत्माराम महाराज कौन है ? (परीचय)
वर्तमान जीवन की जानकारी
  1. स्वामी आत्माराम महाराज महामंडलेश्र्वर अभिरामदास त्यागीजी के वीशेष कृपापात्र शीष्य है । जिसका भारत के अन्य राज्य में छ शाखाओं के साथमुख्य आश्रम “संत रामानंद आश्रम”ऋषीकेश में है।
  2. स्वामीजी ने 35 साल से अन्नका त्याग कीया है, आप केवल दूग्धाहार-फलाहार लेते है।
  3. 58 वर्ष की आयु प्राप्त करने के बाद स्वामीजी ने पैदलयात्रा शुरू की । और भारत में 20 राज्यों की 75000 किलोमीटर पैदलयात्रा पूणँ की है। और पांचवीं पैदलयात्रा 10865+1260 किलोमीटर की । आप 75 साल की उम्र में 75,000 किलोमीटर पैदलयात्रा पूणँ की ।
  4. स्वामीजी दान/ दक्षिणा मांगते नही है। अगर स्वेच्छा से दिया है , तो स्वीकार करके जरूरतमंद विद्यार्थीयोको बिद्या दान करते है ।
  5. स्वामीजी के ट़्रष्टका बेंक खाता नंबरहै--(SBI) राकोट 30808440849
पूर्वाश्रम जीवन की जानकारी
  1. जन्म:भारत में गुजरात राज्य के जूनागढ जिले के वीसावदर शहर में
  2. शिक्षा:- बीए,एल.एल.बी
  3. आयु 75 साल (17-08-2012 पर)
  4. ब्राह्मण शरीरधारी
  5. स्वामीजी ने धर्म प्रचारार्थ 20 पश्र्चिमी देशो का दौरा कीया है
  6. स्वामीजी ने भारतकी पवित्र नदीयोमें गंगा, यमुना, सरयू, भीमा, पूर्णा,सरस्वती गोदावरी,रावी, सतलज,बियास सींधु, भीमा/कृष्णा, ब्रमाणी और चार पवित्र सरोवर नारायण सरोवर, बिंदु सरोवर,मानसरोवर और गंगा सागर सरोवर में स्नान कीया है ।
स्वामीजी के गुरूजी अभिरामदास त्यागीजी महाराज, सभी जगद्गुरु शंकराचार्यजी महाराज, प्रमुख स्वामी स्वामीनारायण धर्म भारत के साधु समाज और भी अन्य महत संतो ने स्वामीजी के साथ आशीर्वाद के रूप में शामिल हो गए हैं.

स्वामीजीने पहली २३००० किलोमीटर और दूसरी १७०००कि.मी. पैदलयात्रा पश्चिम से शुरू की । तीसरी पैदलयात्रा 12,000 कि.मी. उत्तरसे, और चौथी १२८०० कि.मी. पूर्वसे, इस प्रकार कुल 75000 किलोमीटर पैदलयात्रा भारत के निम्नलिखित 20 राज्य में पूणँ की है। पांचवीं पैदलयात्रा दक्षिण से है । जो 10865+1260 किलोमीटर की है। स्वामीजी ने ईन 11 राज्य में चार बार पैदलयात्रा पूणँ की है । और पांचवीं बार चल रहे है । (1) तमिलनाडु (2) आंध्र प्रदेश (3) महाराष्ट्र (4) मध्यप्रदेश (5) उत्तर प्रदेश (6) उत्तराखंड (7) उत्तर प्रदेश (दूसरी बार) (8) मध्यप्रदेश (दूसरी बार) (9) गुजरात(10) महाराष्ट्र (दूसरी बार)(11) कर्णाटक (11A) तमिलनाडु (दूसरी बार) स्वामीजी ईन 9 राज्य में एक बार चले है। (1)राजस्थान(2)हरियाणा(3) पंजाब (4) हिमाचल(5) कश्मीर(6) दिल्ली(7)बिहार(8) केरल(9) गोवा.

पैदलयात्रा का ध्येय क्या है ?
  1. मानव जीवन का परम लक्ष्य जो अपना स्वरुप. आत्मा है, उसे प़ाप्त करना है। जो भक्ति, ज्ञान और तप से प़ाप्त होता है ईस सीद्धांत को ध्यानमें रखते हूए स्वामीजी ने साथ में पहनॆ हूए कपड़े के सिवाय कुछ भी नहीं ऱखकऱ करपात्री होकर 23000 किलोमीटर गुप्त रुपसे, स्वान्तः सुखाय आत्म स्वरुप की प़ाप्ती के लीये पैदलयात्रा की ।
  2. दूसरी, तीसरी, चौथी और इस पांचवीं पैदलयात्रा प़गट रुपसे भारतीय संस्कृति, भक्ति, ज्ञान और तप का प़ेरणा संदेश जन जन तक पहूंचाने लीये विज्ञान के सब माध्यमके सहयोगसे की ।
  3. अपने जीवन और कार्य द्वारा उंच मानव जीवन जीने की ओर अभीगम बताकर वीश्वशान्ती का प़ेरणा संदॆश दॆना।
ऐसे ध्येय के लीये कौन कौन पूर्वाचार्य / संतोने पैदलयात्रा की थी ?
  1. श्री बलभद़जी (दाउजी)
  2. वीदूरजी
  3. श्री जगद्गुरु शंकराचार्यजी
  4. चैतन्य महाप़भुजी
  5. श्री वल्लभाचार्यजी
  6. श्री रामानुज स्वामीजी
  7. श्री भगवान स्वामीनारायण
  8. श्री विवेकानंद जी
  9. श्री जगद्गुरु रामानंद स्वामीजी (1 से 9 तक सनातन धर्म)
  10. श्री महावीर स्वामीजी(जैन धर्म)
  11. श्री भगवान बुद्ध (बौध्ध धर्म)
  12. श्री नानकदेव महाराज (सिख धर्म)
ऊपरोक्त संतोसे प़ेरणा लेकर ऊनके ध्येय पर चलने का महा भगीरथ पुरुषार्थ स्वामीजी चार के बाद पांचवी पैदलयात्रा पूणँ की है ।
आपके सह्रदयी
सुरेन्द्रसींह जाङेजा महामंत्री
डी.के. थानकी मंत्री
बी.एच.घोडासरा अध्यक्ष,पदयात्रा संकलन
वीरेन्द्र अग्रवाल उद्योगपति अध्यक्ष, पदयात्रा सेवा
मधुभाई मेहता अधिवक्ता, BA,LLB कार्याध्यक्ष
गीजुभाई भराड ( Msc.) शिक्षशास्री , अध्यक्ष
अखिल भारतीय स्वामी आत्माराम महाराज केन्द्रीय संकलन समिति
101,मीराकाम्पलेक्ष(होटेल राजदूत के पास) याज्ञिक रोड,राजकोट-360001 (गुजरात)
स्वामीजी मो.सं.+91-94273 65722 वेब साइट: wwww.atmaramji.org.इ-मेल : info@atmaramji.org